13 नवंबर से शुरू होगा हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, CM सैनी सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को लिखा था पत्र

13 नवंबर से शुरू होगा हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, CM सैनी सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को लिखा था पत्र

हरियाणा में विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीख फाइनल हो गई है। 13 नवंबर को विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाया गया है। इसके लिए हरियाणा सचिवालय की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक दिन पहले ही सत्र बुलाने को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखा था। अब विधानसभा सचिव की ओर से सभी विधायकों को विधानसभा सत्र की जानकारी दे दी गई है।

माना जा रहा है कि इस विधानसभा सत्र में कुछ विधेयक भी पारित हो सकते हैं। इसके साथ ही विधायक अपने क्षेत्र के कामों को एजेंडे में शामिल कर सकते हैं। विधायकों ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है।

आपको बता दें कि इससे पहले 25 अक्टूबर को एक दिवसीय सत्र बुलाया गया था, जिसमें सभी विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। साथ ही हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंद्र कल्याण और डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा का भी चयन हुआ था।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस अब तक अपना नेता नहीं चुन पाई है। ऐसे में अगर 13 नवंबर तक कांग्रेस ऐसा करने में नाकाम रहती है तो ये पहली बार होगा जब विधानसभा की कार्यवाही बिना नेता प्रतिपक्ष होगी।

हरियाणा में 8 अक्टूबर को चुनाव परिणाम आए थे 17 अक्टूबर को हरियाणा में सरकार का गठन हो गया था, अब नवंबर महीने के भी पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन विपक्ष अभी तक अपना नेता नहीं चुन पाया है।

इसका मुख्य कारण कांग्रेस को बीते तीन चुनाव में मिली लगातार हार को माना जा रहा है। 2009 में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई थी। 2005, 2009, 2014 और 2019 में चुनाव परिणाम के बाद करीब 15 दिन के अंदर नेता प्रतिपक्ष चुन लिए गए थे।

हालांकि अबकी बार कांग्रेस हाईकमान ने नेता प्रतिपक्ष चुनने के लिए 18 अक्टूबर को 4 पर्यवेक्षक भेजे थे, लेकिन विधायक दल की बैठक में हाईकमान पर फैसला छोड़ दिया गया. इसके बाद से कांग्रेस हाईकमान कोई फैसला नहीं ले पाया है। 2019 की बात करें तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में हुई हार के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ऐसे में सिरसा सांसद कुमारी सैलजा का गुट हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनाने का विरोध कर रहा है। इसी के चलते हाल ही में हुड्डा 31 विधायक इकट्ठा कर दिल्ली में अपनी ताकत दिखा चुके हैं।